सुपौल जिले में दिसंबर और जनवरी माह के दौरान ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर मध्याह्न भोजन (एमडीएम) से संबंधित रिपोर्ट अपलोड नहीं करना 626 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भारी पड़ गया। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित दिनों की परिवर्तन मद की कुल 11 लाख 30 हजार 657 रुपये की राशि काट ली है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में 375 विद्यालयों की करीब 9 लाख रुपये की राशि रोकी गई, जबकि जनवरी में 251 विद्यालयों की 2 लाख 30 हजार 675 रुपये की कटौती की गई। इसके साथ ही संबंधित प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
नियमों के तहत एमडीएम संचालित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन शाम 4 बजे तक लाभान्वित बच्चों की संख्या ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य है। बावजूद इसके कई स्कूलों ने समय पर रिपोर्ट अपलोड नहीं की।
एमडीएम डीपीओ आलोक शेखर आनंद ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार निर्देश देने के बाद भी कई विद्यालय नियमित रूप से डेटा अपलोड नहीं कर रहे थे, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रधानाध्यापकों ने एमडीएम से संबंधित पंजी विभाग को जमा नहीं किया है, उन विद्यालयों की योजना मद की लिमिट राशि फिलहाल स्थगित कर दी गई है। विभाग ने भविष्य में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।